भारतीय सेना के सभी सदस्यों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजन को समर्पित यह पुस्तक, सेना से जुड़े  सभी सरकारी कर्मियों के लिए बेहद उपयोगी है। इस पुस्तक में भारतीय सेना के इतिहास से लेकर Justice Reddy committee की report तक का वर्णन है। One Rank One Pension, या समान पद समान पेंशन  पाने के लिए देश भर के Defence Service से जुड़े लोगों ने किस तरह का संघर्ष किया, उन सबका उल्लेख इस पुस्तक में बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। अंततः हमारे सैनिकों को वह मिल भी गयी, लेकिन जो मिला वो कतई संतोषजनक नहीं था। आज भी लोग इसमें सुधार के लिए रैलियां कर रहे हैं।  

लेखक का मानना  है कि Justice Reddy की समिति को इसमें मौजूद कमियों को दूर करने के लिए बनाया गया था, परन्तु उसकी Report को सरकार ने ठंढे बस्ते में डाल दिया। आज तक यह मुद्दा ज्वलंत है।

लेखर का मत है कि लोगों में इसके बारे में जानकारी का अभाव है। प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने ‘समान पद समान पेंशन ‘ पर अपनी राय बेबाकी से रखी है। संक्षेप में कहें तो यह पुस्तक सामान पद सामान पेंशन विषय पर एक सन्दर्भ पुस्तक है जिसे पढ़ कर आप  इस विषय से जुडी तमाम तरह की विसंगतियों को जान और समझ पाएंगे।

प्रस्तुत पुस्तक के लेखक श्री प्रवीण शर्मा जी हैं। इनका जन्म व् शिक्षा दिल्ली में हुई। 1988 में इन्होने भारतीय वायु सेना में सेवा शुरू की। वहां पर उन्हें वायुयान में तकनीकी क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिला। सेवा के दौरान इन्हें वायुयान में भारत के करीब हर क्षेत्र में जाने का अनुभव प्राप्त हुआ। । भारतीय वायु सेना में 20 वर्षों की सेवा के पश्चात ये सेवा निवृत्त हुए। वर्तमान में ये भारत सरकार के उपक्रम बी. एच. ई. एल., दिल्ली में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।

Book:समान पद समान पेंशन (Samaan Pad Samaan Pension): एक रैंक एक वेतन— लागू तो हुए लेकिन विषंगतियाँ ज्यों की त्यों हैं।

Author:प्रवीण शर्मा 

ISBN:978-93-88149-42-6

Binding:Paperback

Publisher: Pendown Press Powered by Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd.

Number of Pages:106

Language: Hindi

Edition: First Edition

Publishing Year:2018

Category:

यह पुस्तक हमारी अपनी  Website www.pendownpress.com  के साथ-साथ Amazon , Flipkart  आदि ई -कॉमर्स पॉर्टल पर भी उपलब्ध है। आज ही अपनी प्रति सुरक्षित करा लें।