One Rank One Pension, या समान पद समान पेंशन पाने के लिए लोगों ने संघर्ष किया। वह मिल भी गई है पर लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं। आज भी लोग इसमें सुधार के लिए रैलियां कर रहे हैं। जस्टिस रेड्डी की समिति को इसमें कमियां दूर करने के लिए बनाया गया था, पर उसकी रिपोर्ट को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। यह मुद्दा आज भी खत्म नहीं हुआ है। लेखक ने यह महसूस किया कि लोगों में इसके बारे में जानकारी का अभाव है। अतः लेखक ने इस पुस्तक में पहली बार ‘समान पद समान पेंशन’ पर निष्पक्ष टिप्पणी दी है। उन्होंने इस विषय पर एक ऐसी संदर्भ पुस्तक बनाई है जिससे लोगों को यह पता चल सके कि आखिर विसंगति कहाँ व क्या है।

श्री प्रवीण शर्मा का जन्म व शिक्षा, दिल्ली में हुई। 1988 में इन्होंने भारतीय वायु सेना में सेवा शुरू की। वहाँ वायुयान में तकनीकी क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिला। सेवा के दौरान वायुयान में भारत के करीब हर क्षेत्र में जाने का अनुभव मिला। भारतीय वायु सेना में सेवा के दौरान थल सेना व नौ सेना के विभिन्न स्थलों व लोगों से मिलने का भी अनुभव प्राप्त हुआ। इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की तथा बाद में एम.ए. व एम. फिल. (राजनीति शास्त्र) की उपाधि पाई। ये भारतीय वायु सेना में सार्जेंट (वरिष्ठ नोन कमीशन अधिकारी) के पद पर कार्यरत थे तथा 20 वर्ष की सेवा के पश्चात् वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए।
वर्तमान में भारत सरकार के उपक्रम बी. एच. ई. एल., दिल्ली में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।

Product Details

Book:समान पद समान पेंशन (Samaan Pad Samaan Pension): एक रैंक एक वेतन--- लागू तो हुए लेकिन विषंगतियाँ ज्यों की त्यों हैं।

Author:प्रवीण शर्मा 

ISBN:978-93-88149-42-6

Binding:Paperback

Publisher:Pendown Press Powered by Gullybaba Publishing House Pvt. Ltd.

Number of Pages:106

Language:Hindi

Edition:First Edition

Publishing Year:2018

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