यह कोई मामूली उपन्यास नहीं है, इन्साफ के लिए तड़पती, एक निर्भया की मन को झकझोर देने वाली दास्तान है।

‘अधूरा इंसाफ …एक और दामिनी’ वैदेही की कहानी है, जो समाज के खोखले ढाँचों को हर कदम पर चुनौती देती है। वस्त्रों के चुनाव से लेकर लड़कों से दोस्ती तक समाज वैदेही के हर कदम पर सवाल उठाता है। वैदेही के माता-पिता इंसाफ की गुहार लगाते हैं, मगर सरकारी वायदों और घोषणाओं के सिवा कुछ हाथ नहीं आता। ‘समाज का एक वर्ग दामिनी रेप पीड़िता ‘वैदेही’ का साथ देता है और समाज का ही दूसरा वर्ग रेप की घटना के लिए वैदेही को ही जिम्मेदार ठहराता है।

Weight 0.263 g
Dimensions 22 × 15 × 1 cm

Original price was: ₹259.00.Current price is: ₹169.00.

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